
देवास। स्वास्थ्य विभाग में पूर्व में सामने आ चुकी आर्थिक अनियमितताओं के बावजूद विभागीय कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते जा रहे हैं। ताजा मामला जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा ठहरने एवं भोजन व्यवस्था के लिए आमंत्रित किए गए टेंडरों से जुड़ा है, जो दो माह बीत जाने के बाद भी अंतिम रूप से ओपन नहीं हो सके हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति के हस्ताक्षर से 23 नवंबर 2025 को ठहरने व भोजन व्यवस्था के टेंडर आमंत्रित किए गए थे, जिन्हें 30 नवंबर 2025 को खोला जाना था। हालांकि विभागीय अधिकारियों द्वारा यह प्रक्रिया 2 दिसंबर 2025 को की गई। इस दौरान होटल विश्वास, होटल खेड़ापति इंटरनेशनल और एस.के. कंस्ट्रक्शन के टेंडर प्राप्त हुए।
बताया जा रहा है कि टेंडर खुलने के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस फर्म की क्या दर रही। वहीं टेंडर प्रक्रिया के तहत ली गई 25-25 हजार रुपये की डीडी भी अब तक स्वास्थ्य विभाग में ही जमा बताई जा रही है। नियमों के अनुसार टेंडर स्वीकृति के बाद शेष फर्मों की राशि लौटाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
सूत्रों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया को जानबूझकर आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है, जिससे विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर संदेह गहराता जा रहा है। इस पूरे मामले में कामाक्षी दुबे की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने टेंडर शीघ्र खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनके निर्देशों पर अमल नहीं किया गया।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बेक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उनसे बात नहीं हो सकी।
अब देखना यह होगा कि टेंडर प्रक्रिया को कब तक पूर्ण किया जाता है और अटकी हुई राशि को लेकर विभाग क्या स्थिति स्पष्ट करता है।



